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Parenting

टोडलर का भावनात्मक विकास: वे क्यों रोते, नखरे करते और चिल्लाते हैं

छोटे बच्चों (toddlers) की भावनाओं, नखरों (tantrums), रोने के पैटर्न और प्रारंभिक भावनात्मक विनियमन (emotional regulation) के पीछे के विज्ञान को समझने के लिए एक आत्मीय, चिकित्सकीय रूप से सूचित गाइड। जानें कि क्या सामान्य है, किस पर ध्यान देने की आवश्यकता है, और सहानुभूति और आत्मविश्वास के साथ अपने बच्चे का समर्थन कैसे करें।

Abhilasha Mishra
28 नवंबर 2025
8 min read
द्वारा चिकित्सकीय समीक्षा Dr. Preeti Agarwal
टोडलर का भावनात्मक विकास: वे क्यों रोते, नखरे करते और चिल्लाते हैं

टोडलर (छोटे बच्चे) की भावनाएं एक ही दिन में तूफान और सूर्योदय जैसा महसूस करा सकती हैं। एक पल आपका छोटा बच्चा इतनी जोर से हंस रहा है कि उसका पेट हिल रहा है, और अगले ही पल, वे फर्श पर रो रहे हैं क्योंकि उनके कप का रंग गलत है। यदि आपने कभी खुद को यह सोचते हुए पाया है कि क्या यह सामान्य है, या क्या आप पर्याप्त कर रही हैं, तो कृपया गहरी सांस लें। आप अकेली नहीं हैं, और आपके बच्चे में कोई खराबी नहीं है। यह स्वस्थ विकास का हिस्सा है।

टोडलर की भावनाओं को समझना तब आसान हो जाता है जब आप जानती हैं कि उनके बढ़ते मस्तिष्क के अंदर क्या हो रहा है। 12 से 36 महीनों के बीच, बच्चों में संज्ञानात्मक (cognitive), सामाजिक और भावनात्मक परिवर्तनों की लहर आती है। दुनिया के बारे में उनकी समझ उनकी संवाद करने या खुद को नियंत्रित करने की क्षमता से अधिक तेजी से बढ़ती है। यह अंतर अक्सर रोने, नखरे (tantrums), चिपचिपा होने या जोर से हताशा (frustration) के रूप में दिखाई देता है।

यदि आप इस आयु सीमा के लिए शारीरिक और विकासात्मक माइलस्टोन का पता लगाना चाहती हैं, तो आप हमारी विस्तृत गाइड पढ़ सकती हैं: 12-36 महीने के टोडलर के माइलस्टोन: महीने-दर-महीने की पूरी गाइड। यह इस भावनात्मक विकास के अवलोकन के साथ खूबसूरती से मेल खाता है।

यह लेख आपको यह समझने में मदद करने के लिए लिखा गया है कि छोटे बच्चे इस तरह का व्यवहार क्यों करते हैं, क्या सामान्य है, किस पर ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है, और शांत आत्मविश्वास के साथ उनका समर्थन कैसे करें।

Table of Contents

टोडलर की भावनाएं इतनी तीव्र क्यों लगती हैं

छोटे बच्चे भावनाओं को शुद्ध और बिना किसी फिल्टर के अनुभव करते हैं। वे सब कुछ पूरी तरह से महसूस करते हैं। खुशी उनके पूरे शरीर को भर देती है। हताशा एक लहर की तरह आती है। उदासी जल्दी आती है और उसी तरह चली जाती है।

विशेषज्ञ अक्सर बताते हैं कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि भावनात्मक नियंत्रण के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क के हिस्से अभी भी विकसित हो रहे हैं। टोडलरहुड के दौरान भावनात्मक केंद्र तेजी से बढ़ते हैं, लेकिन तर्क और आत्म-विनियमन (self-regulation) वाले क्षेत्र अधिक धीरे-धीरे विकसित होते हैं। इसका मतलब है कि बच्चे उन्हें प्रबंधित करने की क्षमता के बिना मजबूत भावनाओं को महसूस करते हैं।

इस उम्र में सामान्य भावनात्मक ट्रिगर:

  • भूख या थकान
  • अत्यधिक उत्तेजना (Overstimulation)
  • स्वतंत्रता की इच्छा
  • जरूरतों को बताने में असमर्थता
  • दिनचर्या में अचानक बदलाव
  • असुरक्षित या अभिभूत (overwhelmed) महसूस करना

आपका बच्चा आपको परेशान नहीं कर रहा है। वह खुद परेशान है। आपकी शांत उपस्थिति उन्हें धीरे-धीरे यह सीखने में मदद करती है कि अपनी भावनाओं को कैसे नियंत्रित किया जाए।


बच्चे क्यों रोते हैं

रोना सबसे शुरुआती भावनात्मक उपकरणों में से एक है जो बच्चों के पास होता है। यह वह तरीका है जिससे वे असुविधा, भ्रम, अभिभूत होने और उन जरूरतों को बताते हैं जिन्हें वे शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते।

बच्चों के रोने के सामान्य कारण:

  • हताशा (Frustration)
  • गलत समझे जाने का अहसास
  • संवेदी असुविधा (Sensory discomfort)
  • देखभाल करने वाले से अचानक अलगाव
  • नियंत्रण चाहना
  • दर्द या बीमारी
  • थकान

दो साल के बच्चे विशेष रूप से अधिक रोते हैं क्योंकि उनकी शब्दावली उनकी भावनात्मक दुनिया के साथ तालमेल नहीं बिठा पाती है। कई डॉक्टर सलाह देते हैं कि माता-पिता रोने को संचार (communication) के रूप में देखें, हेरफेर (manipulation) के रूप में नहीं।

प्रतिक्रिया कैसे दें: करीब बैठें। सरल शब्द पेश करें जैसे, "मैं तुम्हें सुन रही हूँ," या "मैं यहीं हूँ।" आपका बच्चा पहले भावनात्मक सुरक्षा सीखता है, और दूसरे नंबर पर भावनात्मक विनियमन।


बच्चे टैंट्रम (नखरे) क्यों करते हैं

टैंट्रम (Tantrums) टोडलरहुड का एक सामान्य हिस्सा हैं। शोध बताते हैं कि टैंट्रम इसलिए होते हैं क्योंकि बच्चे सीमाओं, स्वतंत्रता और भावनात्मक अभिव्यक्ति के बारे में सीख रहे होते हैं। वे अभी तक यह नहीं समझते हैं कि आवेगों (impulses) को कैसे नियंत्रित किया जाए या खुद को कैसे शांत किया जाए।

टैंट्रम का वास्तव में क्या मतलब है

  • बच्चे का दिमाग अभिभूत है
  • वे स्थिति को संसाधित (process) नहीं कर सकते
  • वे बिना किसी उपकरण के बड़ी भावनाओं को महसूस करते हैं
  • वे नियंत्रण खो रहे हैं, नियंत्रण की तलाश नहीं कर रहे हैं

18 से 36 महीनों के बीच टैंट्रम आम हैं। कुछ बच्चों को दिन में कई छोटे टैंट्रम हो सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आप कुछ गलत कर रही हैं।

टैंट्रम के ट्रिगर

  • 'नहीं' सुना जाना
  • जल्दबाजी महसूस करना
  • भूख या नींद
  • स्वतंत्रता चाहना
  • गतिविधियों के बीच संक्रमण (Transition)
  • गलत समझा जाना या अनदेखा महसूस करना

अपने बच्चे का समर्थन करने का सबसे अच्छा तरीका शांत उपस्थिति है। आपको भावना को ठीक करने की आवश्यकता नहीं है। आपको बस उनकी सुरक्षित जगह बनने की जरूरत है।


बच्चे क्यों चिल्लाते हैं

चिल्लाना खतरनाक हो सकता है, लेकिन यह सामान्य भी है। बच्चे तब चिल्लाते हैं जब वे उत्साहित, अभिभूत, डरे हुए होते हैं या ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उनकी आवाज़ सबसे मजबूत उपकरणों में से एक है जो उनके पास खुद को सुनाने के लिए है।

बच्चों के चिल्लाने के कारण:

  • संवेदी अधिभार (Sensory overload)
  • आश्चर्य या उत्साह
  • हताशा
  • ध्यान की इच्छा
  • डर व्यक्त करने की कोशिश करना
  • जगह (space) या नियंत्रण चाहना

विकास की तेजी, संक्रमण या भावनात्मक छलांग के दौरान चिल्लाना अधिक आम हो जाता है। आश्वासन और अनुमानित दिनचर्या बच्चों को इतना सुरक्षित महसूस करने में मदद करती है कि वे समय के साथ चिल्लाना कम कर दें।


टोडलर के भावनात्मक विकास के तीन स्तंभ

विशेषज्ञ अक्सर तीन मुख्य क्षेत्रों के माध्यम से टोडलर की भावनाओं का वर्णन करते हैं। इन्हें समझने से दैनिक बातचीत आसान हो सकती है।

1. भावनात्मक जागरूकता (Emotional Awareness)

बच्चे खुशी, उदासी, भय, क्रोध और भ्रम को समझना शुरू करते हैं। वे दूसरों में भावनाओं को पहचानते हैं लेकिन अभी तक उचित प्रतिक्रिया देना नहीं जानते हैं।

2. भावनात्मक अभिव्यक्ति (Emotional Expression)

चूंकि बच्चों के पास सीमित शब्दावली होती है, इसलिए वे भावनाओं को व्यक्त करने के लिए अपने पूरे शरीर का उपयोग करते हैं। इसमें रोना, मारना, फर्श पर गिरना या चिपकना शामिल है।

3. भावनात्मक विनियमन (Emotional Regulation)

विनियमन धीरे-धीरे विकसित होता है। बच्चे लगभग तीन से चार साल की उम्र तक खुद को भरोसेमंद तरीके से शांत नहीं कर सकते। उन्हें सह-विनियमन (co-regulate) करने के लिए वयस्क के साथ की आवश्यकता होती है।


माता-पिता बच्चे की भावनाओं का समर्थन कैसे कर सकते हैं

बच्चे सजा के माध्यम से भावनात्मक विनियमन नहीं सीखते हैं। वे जुड़ाव (connection) के माध्यम से सीखते हैं। आप जितना अधिक शांत रहेंगी, उनकी भावनात्मक दुनिया उतनी ही जल्दी उनके लिए समझ में आएगी।

बच्चे की भावनाओं का समर्थन करने के तरीके:

  • भावनाओं को स्वीकार करें
  • शारीरिक रूप से करीब रहें
  • नरम, सरल वाक्यों का प्रयोग करें
  • जब संभव हो विकल्प दें
  • दिनचर्या को अनुमानित (predictable) रखें
  • बदलाव (transitions) के लिए अपने बच्चे को तैयार करें
  • एक साथ सांस लेने का अभ्यास करें
  • शांत व्यवहार का मॉडल बनें

बच्चे अपने आस-पास के भावनात्मक स्वर (tone) की नकल करते हैं। जब आप खुद को नियंत्रित करती हैं, तो आप उन्हें नियंत्रण सीखने में मदद करती हैं।


भावनात्मक प्रकोप (Emotional Outbursts) पर कब अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है

अधिकांश भावनात्मक अभिव्यक्तियाँ सामान्य हैं। हालाँकि, विशेषज्ञ अक्सर बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श करने की सलाह देते हैं यदि आप नोटिस करती हैं:

  • 15 से 20 मिनट से अधिक समय तक चलने वाले लगातार तीव्र टैंट्रम
  • बहुत सीमित आँख संपर्क
  • सामाजिक संपर्क में कोई दिलचस्पी नहीं
  • आराम या सांत्वना के लिए बहुत कम या कोई प्रतिक्रिया नहीं
  • भाषा या सामाजिक व्यवहार में प्रतिगमन (Regression)
  • खुद को नुकसान पहुँचाने वाले व्यवहार जैसे सिर पटकना
  • भावनाओं से जुड़ी नींद या खाने में महत्वपूर्ण व्यवधान

प्रारंभिक मार्गदर्शन माता-पिता को यह समझने में मदद करता है कि क्या अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है।


घर पर भावनात्मक कौशल बनाने के सरल तरीके

आपको विशेष उपकरणों या जटिल दिनचर्या की आवश्यकता नहीं है। रोजमर्रा के पल भावनात्मक बुद्धिमत्ता (emotional intelligence) सिखाते हैं।

इन विचारों को आज़माएँ:

  • खेल के दौरान भावनाओं का नाम लें
  • भावनाओं के बारे में किताबें पढ़ें
  • अपने बच्चे को छोटे कार्यों में मदद करने दें
  • स्क्रीन टाइम सीमित रखें
  • पानी के खेल या मिट्टी (clay) जैसी संवेदी गतिविधियाँ प्रदान करें
  • प्रयास के लिए सौम्य प्रशंसा का प्रयोग करें

बच्चे सुधार (correction) की तुलना में जुड़ाव (connection) के माध्यम से अधिक सीखते हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: क्या टैंट्रम बुरे व्यवहार का संकेत हैं? उत्तर: नहीं। टैंट्रम बच्चे के भावनात्मक विकास का एक सामान्य हिस्सा हैं।

प्रश्न: क्या मुझे टैंट्रम को नज़रअंदाज़ करना चाहिए? उत्तर: पूरी तरह से अनदेखा करने की अनुशंसा नहीं की जाती है। बच्चे को भावना जारी करने की अनुमति देते हुए उपस्थित रहना अधिक सहायक होता है।

प्रश्न: मेरा बच्चा मेरे आस-पास अधिक क्यों रोता है? उत्तर: आप उनकी सुरक्षित जगह हैं। वे अपनी सबसे बड़ी भावनाओं को वहीं छोड़ते हैं जहाँ वे सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं।

प्रश्न: टैंट्रम चरण कितने समय तक चलता है? उत्तर: यह बदलता रहता है। अधिकांश बच्चे 3 और 4 साल की उम्र के बीच भावनात्मक नियंत्रण में सुधार करते हैं।


संदर्भ और आगे पढ़ें


मेडिकल डिस्क्लेमर

यह लेख टोडलर के भावनात्मक विकास के बारे में सामान्य शैक्षिक मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। व्यवहार या भावनात्मक विनियमन के संबंध में चिंताओं के लिए हमेशा अपने बच्चे के स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करें।

लेखिका के बारे में

अभिलाषा मिश्रा बाल विकास, भावनात्मक कल्याण और प्रारंभिक पेरेंटिंग के बारे में लिखती हैं। वह छोटे बच्चों के साथ अपनी दैनिक यात्रा में माताओं का समर्थन करने के लिए चिकित्सा अंतर्दृष्टि को गर्मजोशी और व्यावहारिक सलाह के साथ मिलाती हैं।

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